नेपाल और भूटान
यहाँ से पहली विदेश ट्रिप के लिए सबसे आसान। पाँच से सात दिन, सड़क से या छोटी फ़्लाइट से।
पूजा और लंबे वीकेंड की गाड़ियाँ जल्दी भर जाती हैं। तारीख़ अभी पक्की कर लें
घूमने की गाइड
पहली विदेश यात्रा आम तौर पर छुट्टी में नहीं, काग़ज़ों में अटकती है। शुरुआत पासपोर्ट और वीज़ा के समय से करें, फिर तारीख़ें, फिर प्लान। हम कोलकाता से पूरा इंतज़ाम करते हैं, रात 2 बजे घर से लेना और लौटने पर गाड़ी खड़ी रहना भी।
घूमने की गाइड
यहाँ से पहली विदेश ट्रिप के लिए सबसे आसान। पाँच से सात दिन, सड़क से या छोटी फ़्लाइट से।
हर एक के लिए छह से आठ दिन। कोलकाता से सीधी या एक स्टॉप वाली फ़्लाइट, और वीज़ा नियम बदलते हैं, इसलिए बुकिंग के समय हम देख लेते हैं।
पाँच से सात दिन, परिवारों और पहली बार जाने वालों में लोकप्रिय। भरी गर्मी में न जाना बेहतर।
पाँच से आठ दिन। मालदीव रिज़ॉर्ट की छुट्टी है, श्रीलंका घूमने की, इसलिए प्लान पूरी तरह अलग होते हैं।
पहले सबके पासपोर्ट की वैधता और ख़ाली पन्ने देख लें। फिर तारीख़ें तय करके हमसे लिखित प्लान और दर माँगें। हवाई टिकट, वीज़ा फ़ाइलिंग और वहाँ के इंतज़ाम हमारे टिकटिंग व डेस्टिनेशन पार्टनर के ज़रिए होते हैं, और वीज़ा नियम व शुल्क दूतावास तय करते हैं, हम नहीं। घर से एयरपोर्ट लाना-छोड़ना हमेशा हमारी अपनी गाड़ी।
घूमने की गाइड
छोटी बातें, जिन पर तय होता है कि दिन अच्छा जाएगा या थकाने वाला।
यात्रा से कम से कम तीन महीने पहले पासपोर्ट या नवीनीकरण शुरू करें।
वीज़ा तय होने से पहले नॉन-रिफ़ंडेबल टिकट कभी न लें।
भुगतान से पहले लिखित प्लान माँगें, जिसमें क्या शामिल है और क्या नहीं लिखा हो।
यहाँ दूरी और समय रूट डेटा से जाँचे गए हैं, फिर असली ट्रैफ़िक देखकर थोड़ा बढ़ाकर लिखे गए हैं। समय, फ़ेरी के घंटे और अंदर जाने के नियम मौसम के साथ बदलते हैं, इसलिए जाने से एक दिन पहले पूछ लें, उस हफ़्ते सड़क कैसी है हम बता देंगे।
घूमने की गाइड
हमारी लिस्ट में इस गाइड से मिलती ट्रिप। गाड़ी घर के सामने से चलती है।
घूमने की गाइड
एक दिन की ट्रिप तभी अच्छी होती है जब गाड़ी सुबह आपके ही इलाके से निकले।
सवाल
वीज़ा फ़ाइलिंग और हवाई टिकट हमारे टिकटिंग व डेस्टिनेशन पार्टनर के ज़रिए होते हैं। हम प्लान बनाते हैं, कौन-कौन से काग़ज़ चाहिए ठीक-ठीक बताते हैं, और आपके साथ रहकर काम आगे बढ़ाते हैं। फ़ैसला और शुल्क हमेशा दूतावास का।
भूटान या नेपाल, फिर थाईलैंड या दुबई। छोटी फ़्लाइट, आसान काग़ज़ और शाकाहारी खाने की कमी नहीं, जो लोगों की सोच से ज़्यादा मायने रखता है।
फिर भी उलझन है? तारीख़ भेज दें। न हो पाए तो सीधे बता देंगे
गाड़ी चाहिए
तारीख और कितने लोग जा रहे हैं, लिख भेजें। कौन सी गाड़ी ठीक रहेगी, कितने बजे निकलना चाहिए और पूरा दाम लिखकर बता देंगे, फिर आप तय करें।