जलाशय
ठहरा पानी, तीन तरफ़ पहाड़। किनारे से सूर्योदय और सूर्यास्त, दिन की दो ही घटनाएँ।
पूजा और लंबे वीकेंड की गाड़ियाँ जल्दी भर जाती हैं। तारीख़ अभी पक्की कर लें
घूमने की गाइड
अयोध्या पहाड़ के उस तरफ़ मुरगुमा एक जलाशय है, कोलकाता से करीब 366 किलोमीटर, चारों तरफ़ पहाड़, कुछ होमस्टे और ऐसे गाँव जहाँ छऊ और संताली परंपराएँ अब भी ज़िंदा हैं। पश्चिम बंगाल में हम जहाँ लोगों को ले जाते हैं, उनमें यह सबसे ख़ाली है, और जाने की वजह भी वही है।
घूमने की गाइड
घूमने की गाइड
ठहरा पानी, तीन तरफ़ पहाड़। किनारे से सूर्योदय और सूर्यास्त, दिन की दो ही घटनाएँ।
गिनती के कुछ छोटे ठिकाने, घर का बना खाना, कोई मेन्यू नहीं। सीधे बुक करें और एक हफ़्ते पहले फिर पक्का कर लें, क्योंकि ये परिवार चलाते हैं।
उसी ट्रिप में, करीब एक घंटे पर: झरने, बाँध और मुखौटा गाँव। इतनी दूर कोई एक के लिए नहीं आता।
गाड़ी से बांकुड़ा और पुरुलिया होकर झालदा की तरफ़, कोलकाता से करीब 366 और बैरकपुर से 331 किलोमीटर, रुकते-रुकते सात से आठ घंटे। आख़िरी हिस्सा सँकरी गाँव और जंगल की सड़क है, इसलिए सेडान से एमयूवी बेहतर। पुरुलिया या झालदा तक ट्रेन और वहाँ से गाड़ी भी चलती है; जो पसंद हो बताएँ, उसी हिसाब से बना देंगे।
घूमने की गाइड
छोटी बातें, जिन पर तय होता है कि दिन अच्छा जाएगा या थकाने वाला।
नकद, दवा और पावर बैंक रखें। झील के पास एटीएम, दवा दुकान या भरोसे का सिग्नल नहीं है।
अंधेरे के बाद पहुँचने का प्लान न बनाएँ। आख़िरी 30 किलोमीटर में रोशनी नहीं और उस इलाके में हाथी चलते हैं।
कोलकाता से कम से कम तीन दिन। दो दिन में सिर्फ़ गाड़ी ही चलती है।
यहाँ दूरी और समय रूट डेटा से जाँचे गए हैं, फिर असली ट्रैफ़िक देखकर थोड़ा बढ़ाकर लिखे गए हैं। समय, फ़ेरी के घंटे और अंदर जाने के नियम मौसम के साथ बदलते हैं, इसलिए जाने से एक दिन पहले पूछ लें, उस हफ़्ते सड़क कैसी है हम बता देंगे।
घूमने की गाइड
हमारी लिस्ट में इस गाइड से मिलती ट्रिप। गाड़ी घर के सामने से चलती है।
घूमने की गाइड
एक दिन की ट्रिप तभी अच्छी होती है जब गाड़ी सुबह आपके ही इलाके से निकले।
सवाल
पानी के किनारे मुरगुमा शांत और सुंदर है, हिलटॉप झरनों के पास और कमरे ज़्यादा। कई ट्रिप में दोनों जगह एक-एक रात होती है, गाड़ी पूरे समय साथ रहती है।
सड़क से करीब 366 किलोमीटर, सात से आठ घंटे। बैरकपुर से करीब 331 किलोमीटर, उत्तर से निकलकर शहर छूट जाता है।
फिर भी उलझन है? तारीख़ भेज दें। न हो पाए तो सीधे बता देंगे
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गाड़ी चाहिए
तारीख और कितने लोग जा रहे हैं, लिख भेजें। कौन सी गाड़ी ठीक रहेगी, कितने बजे निकलना चाहिए और पूरा दाम लिखकर बता देंगे, फिर आप तय करें।